व्यय विभाग

व्यय विभाग, केन्द्र सरकार की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली और राज्यों की वित्तीय स्थिति से संबंधित मामलों पर निगरानी रखने वाला एक नोडल विभाग है। इस विभाग के मुख्य‍ कार्यकलापों में प्रमुख स्कीमों/ परियोजनाओं (योजना और गैर-योजना व्यय दोनों) का स्वीकृति पूर्व मूल्यांकन; राज्यों को अंतरित केन्द्रीय बजटीय संसाधनों के एक बड़े अंश का रख-रखाव; वित्त और केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का कार्यान्वयन, वित्तीय सलाहकारों के साथ समन्वय करते हुए और वित्तीय नियमावली/विनियमों/आदेशों को लागू करके तथा लेखापरीक्षा टिप्पणियों/ अभ्युक्तियों पर निगरानी के जरिए केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों में व्यय प्रबंधन की जांच करना, केन्द्र सरकार के लेखे तैयार करना, केन्द्र सरकार के कार्मिक प्रबंधन के वित्तीय पहलुओं की व्यवस्था करना, सार्वजनिक सेवाओं की लागत और मूल्यों के नियंत्रण में केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों की सहायता करना, स्टाफिंग पद्धति और ओ.एंड एम. अध्ययनों की समीक्षा के जरिए संगठनात्मक पुनर्गठन में सहायता करना और उत्पादन एवं सार्वजनिक व्यय के परिणामों को अनुकूलतम बनाने के लिए प्रणालियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करना शामिल है। यह विभाग मंत्रालय के संसद से संबंधित कार्यों सहित वित्त मंत्रालय से संबंधित मामलों के समन्वय की व्यवस्था भी कर रहा है। राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान, फरीदाबाद इस विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

व्यय विभाग को आबंटित कार्य इसके स्थापना प्रभाग, योजना वित्त-I एवं योजना वित्त-II प्रभाग, वित्त आयोग प्रभाग, कर्मचारी निरीक्षण एकक, लागत लेखा शाखा, लेखा महानियंत्रक और केन्द्रीय पेंशन लेखा कार्यालय के माध्यम से किए जाते हैं।

संगठनात्मक इकाईयां

इस समय, व्यय विभाग का कार्य निम्नलिखित भिन्न-भिन्न पूरक प्रभागों/एककों द्वारा व्यवस्थित किया जाता हैः

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